सिडनी – सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक सीसीटीवी वीडियो के बाद ऑस्ट्रेलिया पोस्ट ने उस डिलीवरी ड्राइवर को सेवा से हटा दिया है, जिसे ‘डॉजि’ यानी संदिग्ध और गैर-जिम्मेदाराना हरकत करते हुए कैमरे में कैद किया गया था।
यह वीडियो एक रेज़िडेंशियल प्रॉपर्टी के बाहर लगे Google Nest कैमरे से रिकॉर्ड हुआ था। इसमें देखा जा सकता है कि एक ऑस्ट्रेलिया पोस्ट की वैन घर के बाहर गेट पर रुकती है, लेकिन ड्राइवर कुछ मिनटों तक वहीं बैठा रहता है। उसके बाद वह खाली हाथ गाड़ी से उतरता है, गेट के अंदर जाकर घर की तस्वीर खींचता है – और फिर पार्सल दिए बिना ही वापस गाड़ी में बैठकर चला जाता है।
वीडियो में ड्राइवर के पास न तो कोई डिलीवरी पैकेज था, न ही उसने दरवाजे पर दस्तक दी। यह सब देख यूज़र ने Reddit पर वीडियो साझा करते हुए नाराज़गी जताई और कहा कि जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया पोस्ट से शिकायत की, तो उन्हें सिर्फ इतना कहा गया कि ड्राइवर को “सही प्रक्रियाओं की याद दिलाई गई है”।
लेकिन मामले के सोशल मीडिया पर फैलने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया पोस्ट ने स्पष्ट किया है कि उक्त ड्राइवर अब उनकी सेवाओं में नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया पोस्ट के प्रवक्ता का बयान:
“हमारे पास पार्सल डिलीवरी के सख्त प्रोटोकॉल हैं। जो हरकतें वीडियो में दिखीं, वे हमारी अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसलिए वह व्यक्ति अब ऑस्ट्रेलिया पोस्ट के लिए डिलीवरी नहीं कर रहा है।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलिया पोस्ट के नियमों के अनुसार:
डिलीवरी करने से पहले ड्राइवर को दरवाज़े पर तीन बार दस्तक देना जरूरी है।
30 सेकंड तक प्रतीक्षा करनी होती है।
फिर घर के दरवाज़े या इंटरकॉम की तस्वीर लेनी होती है – जो ग्राहक को ऐप के ज़रिए उपलब्ध कराई जाती है।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का ग़ुस्सा:
वीडियो वायरल होते ही यूज़र्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
एक यूज़र ने लिखा – “इसने एक मिनट यूं ही गाड़ी में बैठकर बर्बाद कर दिया। पैकेज लेकर आकर देने में इससे कम समय लगता।”
दूसरे ने तंज कसा – “यह तो अपने काम से ही पूरी तरह हट चुका है। जो कंपनी का मूल कार्य है – डिलीवरी देना – वही नहीं किया।”
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले:
यह पहली बार नहीं है जब किसी डिलीवरी ड्राइवर पर आरोप लगे हैं। कई ऑस्ट्रेलियाई यूज़र्स पहले भी शिकायत कर चुके हैं कि डिलीवरी ड्राइवर बिना दरवाज़ा खटखटाए “Missed Delivery” नोट डाल जाते हैं, जबकि लोग घर पर ही होते हैं। कुछ ने तो ऐसे बहाने भी लगाए जैसे कि “आसपास कुत्ता था” – जबकि असल में ऐसा कुछ नहीं था।