सिडनी, 15 अगस्त — ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय पहचान का अहम हिस्सा माने जाने वाले “ग्रीन एंड गोल्ड” रंगों को बदलने की मांग ने देशभर में बहस छेड़ दी है। यूट्यूबर और स्टार्ट-अप संस्थापक चार्ली गियर्साइड ने सुझाव दिया है कि राष्ट्रीय खेल टीमों को अब खाकी रंग को अपनाना चाहिए।
गियर्साइड का कहना है कि ब्राज़ील, दक्षिण अफ्रीका और जमैका पहले से ही हरे और सुनहरे रंग का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को एक “असली और अनोखी” पहचान के लिए खाकी रंग चुनना चाहिए। उनका मानना है कि यह रंग स्टीव इरविन जैसी ऑस्ट्रेलियाई शख्सियतों और ‘आउटबैक’ संस्कृति की छवि को दर्शाएगा।
उन्होंने यूट्यूब पर कुछ डिजिटल मॉक-अप तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें क्रिकेट स्टार ट्रैविस हेड खाकी यूनिफॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। गियर्साइड का कहना है, “ग्रीन एंड गोल्ड को हम सेकेंडरी कलर के तौर पर रख सकते हैं, लेकिन मुख्य पहचान खाकी होगी। कल्पना कीजिए, हमारी टीमें मैदान पर उतरें और लगे जैसे उन्होंने अभी-अभी हिल्स होइस्ट लगाया हो।”
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ऑस्ट्रेलियाई टीमों ने खाकी पहना हो। पेरिस 2024 पैरालंपिक के उद्घाटन समारोह में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने खाकी पोलो, सफेद शॉर्ट्स और भूरे ब्लेज़र पहने थे, जिससे उन्हें पारंपरिक ऑसी लुक मिला।
गियर्साइड का कहना है कि उनका उद्देश्य देश में सकारात्मक सोच और एकजुटता को बढ़ावा देना है। “नई परंपराएं उत्साहजनक और एकीकृत कर सकती हैं। आधुनिक ऑस्ट्रेलिया सिर्फ कुछ सौ साल पुराना है, और बदलाव से हम फिर से सर्वश्रेष्ठ बन सकते हैं।”
1928 में पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने ग्रीन एंड गोल्ड रंग को अपनाया था, जब क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड दौरे पर हरे कैप और सुनहरे ब्लेज़र पहने थे। अब लगभग एक सदी बाद, इस रंग-परंपरा को चुनौती देना आसान नहीं होगा।