ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय समेत चार देशों के छात्रों के वीज़ा नियम किए सख़्त

फर्जी आवेदनों में बढ़ोतरी के बाद गृह मामलों के विभाग का बड़ा कदम

ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय समेत चार देशों के छात्रों के वीज़ा नियम किए सख़्त

सिडनी | 10 जनवरी 2026

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के वीज़ा आवेदनों को लेकर सख़्त रुख अपनाते हुए भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान को उच्च जोखिम वाले देशों की श्रेणी में डाल दिया है। यह निर्णय फर्जी और संदिग्ध छात्र वीज़ा आवेदनों में “चिंताजनक वृद्धि” के बाद लिया गया है।

गृह मामलों के विभाग (होम अफेयर्स) ने 8 जनवरी को इन चारों दक्षिण एशियाई देशों को एविडेंस लेवल-2 से बढ़ाकर एविडेंस लेवल-3 में स्थानांतरित कर दिया। यह बदलाव सामान्य वार्षिक समीक्षा से अलग, बीच साल में किया गया है, जिसे विशेषज्ञों ने “असामान्य लेकिन गंभीर संकेत” करार दिया है।

पूर्व इमिग्रेशन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अबुल रिज़वी के अनुसार, यह कदम दर्शाता है कि सरकार को छात्र वीज़ा प्रणाली की ईमानदारी (इंटीग्रिटी) को लेकर गंभीर चिंताएँ हैं। उन्होंने कहा कि उच्च एविडेंस लेवल का मतलब है कि अब वीज़ा अधिकारियों द्वारा आवेदनों की गहन और मैन्युअल जांच की जाएगी।

छात्रों को देने होंगे ज़्यादा दस्तावेज़

नए नियमों के तहत, इन देशों से आवेदन करने वाले छात्रों को अब अपनी वित्तीय क्षमता, शैक्षणिक रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता को लेकर अधिक विस्तृत प्रमाण देने होंगे। वीज़ा अधिकारी ज़रूरत पड़ने पर विश्वविद्यालयों से सीधे संपर्क कर सकते हैं, बैंक खातों की पुष्टि कर सकते हैं और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच कर सकते हैं।

होम अफेयर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय “उभरती हुई इंटीग्रिटी समस्याओं के प्रभावी प्रबंधन” के लिए लिया गया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तविक और योग्य छात्रों को ऑस्ट्रेलिया में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त करने में कोई बाधा न हो।

अंतरराष्ट्रीय शिक्षा पर असर

भारत, नेपाल, बांग्लादेश और भूटान से आने वाले छात्र पिछले वर्ष ऑस्ट्रेलिया में कुल अंतरराष्ट्रीय नामांकन का लगभग एक-तिहाई थे। ऐसे में यह फैसला ऑस्ट्रेलिया के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र पर भी असर डाल सकता है।

यह कदम उस समय सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के सहायक मंत्री जूलियन हिल हाल ही में भारत दौरे पर थे और उन्होंने वहाँ स्थानीय हालात का जायज़ा लिया था।

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य छात्रों को हतोत्साहित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि ऑस्ट्रेलिया का छात्र वीज़ा कार्यक्रम पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बना रहे।