ऑस्ट्रेलिया ने तोड़ी चुप्पी: ईरान पर हमले को लेकर सरकार ने रखा अपना पक्ष, लेकिन 'पाइन गैप' पर चुप्पी बरकरार

ऑस्ट्रेलिया ने तोड़ी चुप्पी: ईरान पर हमले को लेकर सरकार ने रखा अपना पक्ष, लेकिन 'पाइन गैप' पर चुप्पी बरकरार

हिंदी गौरव न्यूज डेस्क | 23 जून 2025

ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने पुष्टि की है कि अल्बनीज़ सरकार इन हमलों का समर्थन करती है, लेकिन इस बात पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की कि क्या अमेरिका ने इन हमलों के लिए ऑस्ट्रेलिया स्थित 'पाइन गैप' सैन्य अड्डे का उपयोग किया।

रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान में स्थित तीन प्रमुख परमाणु साइट्स को “पूरी तरह तबाह” करने की घोषणा के बाद, ऑस्ट्रेलियाई विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की थी।

सोमवार सुबह "सनराइज़" कार्यक्रम में पहली बार सरकार की ओर से लेबर फ्रंटबेंचर तान्या प्लिबरसेक ने सामने आकर कहा, “सरकार अमेरिका के इन कदमों का समर्थन करती है। हम ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर चिंतित हैं और अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”

हालांकि, 'पाइन गैप' की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार अभी भी चुप है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या ऑस्ट्रेलियाई खुफिया साझेदारी या सैन्य संपत्ति अमेरिकी हमलों में किसी भी रूप में शामिल थीं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक स्तर पर तनाव अपने चरम पर है और ऑस्ट्रेलिया की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी सवाल उठ रहे हैं।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार पारदर्शिता अपनाएगी और जनता के समक्ष बताएगी कि क्या पाइन गैप जैसी रणनीतिक सुविधाएं अमेरिका के इस सैन्य अभियान में किसी तरह शामिल थीं या नहीं।