उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता गायत्री प्रजापति पर लखनऊ जिला कारागार में जानलेवा हमला हुआ। जेल प्रशासन के अनुसार यह घटना जेल अस्पताल में हुई, जहां सफाई ड्यूटी पर लगे एक बंदी से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि बंदी ने आक्रोश में आकर लकड़ी के पटरे/अलमारी के हिस्से से उनके सिर पर वार कर दिया।
जेल प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया कि प्रजापति को केवल सतही चोट (superficial injury) आई है। उन्हें तुरंत जेल अस्पताल में चिकित्सीय उपचार दिया गया और अब उनकी हालत पूरी तरह से सामान्य है। अधिकारियों ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और हमलावर बंदी से पूछताछ की जा रही है।
इस घटना पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि "पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति पर जेल में जानलेवा हमला हुआ है, इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए। उप्र में कहीं भी कोई सुरक्षित नहीं है।"
हमले की खबर के बाद अमेठी से गायत्री प्रजापति की पत्नी और विधायक महाराजी प्रजापति लखनऊ रवाना हो गई हैं। अमेठी स्थित उनके कार्यालय पर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
गौरतलब है कि गायत्री प्रजापति को नवंबर 2021 में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया गया था और अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। तब से वे लखनऊ जेल में बंद हैं।