ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने सिडनी में एक प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम नमाजियों पर हुए कथित हमले की घटना को गंभीर बताते हुए इसकी पूरी और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि देश के मूलभूत लोकतांत्रिक और धार्मिक स्वतंत्रता के मूल्यों के खिलाफ भी हैं।
प्रधानमंत्री ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का पूरा अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रदर्शन के दौरान नमाज पढ़ रहे लोगों को निशाना बनाया गया है, तो यह बेहद चिंताजनक है और संबंधित अधिकारियों को इस मामले में पूरी सच्चाई सामने लानी चाहिए।
अल्बानीज़ ने इस दौरान सिडनी में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शनों में शामिल कुछ कट्टर वामपंथी प्रदर्शनकारियों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन हिंसा, डराने-धमकाने या किसी समुदाय को निशाना बनाने जैसी गतिविधियां बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक बहुसांस्कृतिक समाज है, जहां सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को समान सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और आपसी सम्मान के साथ रहने की अपील की।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में सामाजिक एकता और समुदायों के बीच विश्वास बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने दोहराया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या नफरत फैलाने वाले कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।