अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं: ED और CBI की बड़ी कार्रवाई

अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं: ED और CBI की बड़ी कार्रवाई

हिंदी गौरव न्यूज | मुंबई | 26 जुलाई 2025

अनिल अंबानी और उनके रिलायंस समूह की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बार फिर मिलकर उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दोनों एजेंसियों ने देशभर के 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है।

24000 करोड़ रुपये से ज्यादा की वित्तीय गड़बड़ी की जांच

सूत्रों के अनुसार, यह मामला 24,000 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित घोटाले से जुड़ा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि बैंकों से मिले ऋण का इस्तेमाल फर्जी कंपनियों और शेल फर्मों के जरिए किया गया और इन फंड्स का ग़लत तरीके से उपयोग किया गया।

डिजिटल सबूतों की जब्ती

इस कार्रवाई के दौरान एजेंसियों ने भारी संख्या में दस्तावेज, हार्ड ड्राइव और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं। यह छापेमारी 24 जुलाई से शुरू हुई थी और शनिवार को समाप्त हुई। यह छानबीन मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में की गई।

क्या रिश्वत देकर हासिल किए गए थे लोन?

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या यस बैंक के संस्थापकों और अधिकारियों को रिश्वत दी गई थी? सूत्रों के अनुसार, ED इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि क्या प्रमोटरों को लोन की मंज़ूरी से पहले ही पैसे ट्रांसफर कर दिए गए थे।

कॉर्पोरेट लोन में असामान्य वृद्धि

जांच एजेंसियां RHFL द्वारा अप्रैल 2017 से मार्च 2019 के बीच दिए गए कॉर्पोरेट लोन में अचानक हुई वृद्धि की भी समीक्षा कर रही हैं। आरोप है कि यस बैंक से मिले ऋण को समूह की कंपनियों और फर्जी संस्थाओं में स्थानांतरित कर दिया गया था।

धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की गई। इस मामले में लगभग 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

क्या आगे और बढ़ेगा शिकंजा?

अनिल अंबानी के लिए आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। जिस पैमाने पर यह छापेमारी की गई है, उससे यह संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसियां इस केस को गंभीरता से आगे बढ़ा रही हैं।