मिनियापोलिस (अमेरिका)।
अमेरिकी राज्य मिनेसोटा के Minneapolis में संघीय आव्रजन एजेंटों की कार्रवाई के दौरान गोली लगने से मारे गए व्यक्ति की पहचान 37 वर्षीय Alex Jeffrey Pretti के रूप में हुई है। मृतक के माता-पिता ने उसकी पहचान की पुष्टि की। घटना के बाद शहर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और नेशनल गार्ड को तैनात कर दिया गया है।
प्रीटी पेशे से वेटरन्स अफेयर्स अस्पताल में आईसीयू नर्स थे। उनके पिता माइकल प्रीटी ने बताया कि उनका बेटा राष्ट्रपति Donald Trump प्रशासन की सख़्त आव्रजन नीति से बेहद व्यथित था और इसी कारण वह विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ था।
घटना शनिवार सुबह उस समय हुई जब अमेरिकी Immigration and Customs Enforcement (ICE) और सीमा सुरक्षा बलों द्वारा शहर में बड़े पैमाने पर आव्रजन कार्रवाई की जा रही थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि कई संघीय एजेंट प्रीटी को ज़मीन पर गिराकर काबू करने की कोशिश कर रहे थे। कुछ सेकंड बाद गोलियों की आवाज़ सुनाई देती है, जिसके बाद वह सड़क पर निःश्चल पड़े दिखाई देते हैं।
अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) ने दावा किया है कि एजेंटों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। विभाग के अनुसार, प्रीटी के पास 9 मिमी की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल थी और वह एजेंटों द्वारा हथियार छीने जाने का “हिंसक विरोध” कर रहे थे। हालांकि, वायरल वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने हथियार तानकर एजेंटों को धमकाया था या नहीं।
मिनियापोलिस पुलिस ने बताया कि प्रीटी स्थानीय निवासी थे, उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और पहले केवल पार्किंग टिकट से जुड़ी मामूली कार्रवाई हुई थी। मिनेसोटा में वैध अनुमति के साथ खुलेआम हथियार रखने की इजाज़त है।
घटना के बाद शहर में विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए हैं। हालात को काबू में रखने के लिए हज़ारों अतिरिक्त संघीय एजेंट भेजे गए हैं। उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
संघीय एजेंसियों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, एजेंट एक इक्वाडोरियन नागरिक होसे हुएर्ता-चुमा को गिरफ़्तार करने का प्रयास कर रहे थे, जिस पर घरेलू हिंसा सहित कई आरोप हैं।
यह मामला अमेरिका में आव्रजन नीति, हथियार क़ानून और संघीय बलों की भूमिका को लेकर चल रही बहस को और तेज़ कर सकता है।