अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान का इजरायल पर जवाबी हमला, 10 शहरों में मिसाइलों की बारिश

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर: परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद ईरान का इजरायल पर जवाबी हमला, 10 शहरों में मिसाइलों की बारिश

ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष अब और अधिक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। इस बीच अमेरिका की सीधी दखलअंदाजी से हालात और बिगड़ गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान की तीन प्रमुख परमाणु साइट्स—फोर्डो, नतांज और इस्फहान—पर सफल हवाई हमले किए हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान उकसावे की कार्रवाई करता है तो अमेरिका और कड़ा जवाब देगा।

अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने इजरायल के खिलाफ जोरदार जवाबी कार्रवाई करते हुए 10 से अधिक शहरों पर मिसाइलें दागीं। तेहरान ने अपने बयान में कहा कि यह हमला अमेरिका और इजरायल की संयुक्त आक्रामक नीति का प्रतिकार है।

ईरान के मिसाइल हमलों से तेल अवीव, हाइफा, अश्केलोन, और बियरशेवा जैसे शहरों में अफरा-तफरी मच गई। कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई और नागरिकों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी। इजरायल की डिफेंस फोर्सेज़ ने दावा किया कि उसने कई मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इंटरसेप्ट किया, हालांकि कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंच गईं।

स्थिति अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय
संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ ने तत्काल संयम बरतने की अपील की है। यूएन महासचिव ने कहा कि हालात अगर इसी तरह बिगड़ते रहे तो यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध में बदल सकता है, जिससे वैश्विक शांति को गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।

पृष्ठभूमि
पिछले कई हफ्तों से ईरान और इजरायल के बीच तनाव गहराता जा रहा था, जिसमें सीमावर्ती इलाकों में लगातार रॉकेट और ड्रोन हमलों की खबरें आ रही थीं। अब अमेरिका की प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक उग्र बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष अब सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी गूंज वैश्विक राजनीति और तेल बाज़ारों में भी महसूस की जाएगी।