सिडनी की एक अदालत में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अभियोजकों ने दावा किया कि मोहम्मद फरहत नामक युवक ने पूर्वी उपनगरों में हुए यहूदी-विरोधी हमले का आयोजन किया था। इस घटना में संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ, जिसकी कीमत 1 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (लगभग 55 लाख रुपये) से अधिक आंकी गई है।
अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, फरहत ने जमानत पर रिहा होने के बाद सिर्फ छह दिनों में आठ बार शर्तों का उल्लंघन किया। यह घटनाक्रम न्याय व्यवस्था के प्रति उसके खुलेआम चुनौतीपूर्ण रवैये को दर्शाता है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप न केवल गंभीर हैं, बल्कि समाज में असुरक्षा का माहौल भी पैदा करते हैं।
प्रॉसिक्यूटर्स का कहना है कि फरहत ने इस हमले की पूरी योजना बनाई और समूह को संगठित किया। इस दौरान कई यहूदी धार्मिक स्थलों और संपत्तियों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद इलाके में दहशत फैल गई और स्थानीय समुदाय ने सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को गंभीरता से सुना। न्यायाधीश ने फरहत के बार-बार जमानत उल्लंघन पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अदालत जल्द ही इस मामले में अगली कार्यवाही तय करेगी।
स्थानीय यहूदी समुदाय ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है। समुदाय के नेताओं ने सरकार और पुलिस से अपील की है कि ऐसे अपराधों को सख्ती से दबाया जाए ताकि समाज में शांति और विश्वास बहाल हो सके।
👉 यह खबर ऑस्ट्रेलिया में बढ़ते साम्प्रदायिक तनाव और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।