जी–20 शिखर सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुँचे ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज़ ने शुक्रवार को उन ऑस्ट्रेलियाई हस्तियों को विशेष श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने अपार्थाइड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका की आज़ादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने प्रिटोरिया स्थित फ्रीडम पार्क हेरिटेज साइट एंड म्यूज़ियम में आयोजित एक औपचारिक समारोह में उनके नामों को “वॉल ऑफ नेम्स” में शामिल किए जाने का उद्घाटन किया।
इस दीवार पर अब जिन तीन ऑस्ट्रेलियाई नायकों के नाम जोड़े गए हैं, वे हैं—
मैल्कम फ़्रेज़र (पूर्व प्रधानमंत्री)
बॉब हॉक (पूर्व प्रधानमंत्री)
ब्रूस हेग (पूर्व राजनयिक और मानवाधिकार समर्थक)
ये तीनों अब उन दो अन्य ऑस्ट्रेलियाई कार्यकर्ताओं के साथ उस विशिष्ट सम्मान सूची का हिस्सा हैं, जो दक्षिण अफ्रीका की रंगभेद–विरोधी लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए पहचाने जाते हैं।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री एल्बानीज़ ने कहा,
“इन महान ऑस्ट्रेलियाई हस्तियों ने साहस, न्याय और मानव गरिमा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेझिझक आवाज उठाई। अपार्थाइड के अंत में उनके योगदान को इतिहास कभी भूल नहीं सकता।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम उस पीढ़ी की याद दिलाते हैं जिसने नस्लभेद का खुलकर विरोध किया और वैश्विक मानवाधिकार आंदोलन को मजबूत बनाने में नैतिक नेतृत्व दिया।
संयुक्त राष्ट्र और कॉमनवेल्थ के माध्यम से रंगभेद की जांच में सक्रिय भूमिका।
दक्षिण अफ्रीका के पहले क़ैद किए गए नेताओं से मिलकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाया।
नस्लभेद विरोधी प्रस्तावों को वैश्विक समर्थन दिलाने के लिए लगातार प्रयास।
कॉमनवेल्थ मंचों पर आर्थिक प्रतिबंधों और खेल बहिष्कार के सबसे मुखर समर्थक।
ऑस्ट्रेलियाई ट्रेड यूनियनों को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया।
वैश्विक राजनीति में अपार्थाइड को नैतिक मुद्दे के रूप में उठाया।
1976–79 में दक्षिण अफ्रीका में तैनाती के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संपर्क बनाए।
मानवाधिकार उल्लंघनों की विस्तृत रिपोर्टें विश्व समुदाय तक पहुँचाईं।
उनकी साहसिक भूमिका को 1987 की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म ‘क्राय फ़्रीडम’ में चित्रित किया गया।
जोहान्सबर्ग में शनिवार से शुरू होने वाले जी–20 Leaders’ Summit से पहले दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया है।
3,500 अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात
संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए सेना को भी अलर्ट रखा गया
शहर के प्रमुख मार्गों और सम्मेलन स्थल के आसपास सुरक्षा घेरे को और सख़्त किया गया
प्रधानमंत्री एल्बानीज़ इस दौरे में विभिन्न विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लेंगे।
इस वर्ष के जी-20 सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है—
समावेशी और सतत वैश्विक आर्थिक विकास
वैश्विक दक्षिण के मुद्दों पर ध्यान
सुरक्षा, ऊर्जा, जलवायु और सामाजिक समानता पर साझा रणनीतियाँ
इस ऐतिहासिक श्रद्धांजलि को दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंधों को और मज़बूत करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
एल्बानीज़ के अनुसार,
“यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि एक संदेश है कि ऑस्ट्रेलिया हमेशा मानवाधिकार, समानता और लोकतंत्र की लड़ाई में खड़ा रहेगा।”