रहमान की वजह से म्यूजिशियंस की नौकरी गई? अभिजीत भट्टाचार्य के आरोपों से म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल

रहमान की वजह से म्यूजिशियंस की नौकरी गई? अभिजीत भट्टाचार्य के आरोपों से म्यूजिक इंडस्ट्री में हलचल

मुंबई। हिंदी फिल्म संगीत जगत के जाने-माने पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य ने ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान को लेकर तीखा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। अभिजीत का कहना है कि आज बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में सैकड़ों म्यूजिशियंस बेरोजगार बैठे हैं और इसके पीछे बड़े संगीतकारों द्वारा सीमित टीम और अत्यधिक तकनीक के इस्तेमाल की प्रवृत्ति जिम्मेदार है।

अभिजीत भट्टाचार्य ने एक बातचीत के दौरान कहा कि पहले फिल्मों में संगीत तैयार करने के लिए बड़े ऑर्केस्ट्रा का सहारा लिया जाता था। एक-एक गाने में 40 से 100 तक म्यूजिशियंस काम करते थे, जिससे कई परिवारों की रोज़ी-रोटी चलती थी। लेकिन अब कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और डिजिटल साउंड के बढ़ते इस्तेमाल ने इंसानी हुनर की जगह ले ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़े संगीतकार केवल चुनिंदा लोगों के साथ काम करते हैं, जिससे बाकी कलाकारों को काम नहीं मिल पा रहा।

अभिजीत ने कहा, “आज हालात ऐसे हैं कि अच्छे-अच्छे म्यूजिशियन घर पर बैठे हैं। पहले लाइव इंस्ट्रूमेंट्स की अहमियत थी, अब सब कुछ मशीनों से हो रहा है। इससे संगीत तो बन रहा है, लेकिन म्यूजिशियंस का भविष्य अंधेरे में चला गया है।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इंडस्ट्री के बड़े नामों की जिम्मेदारी बनती है कि वे नए और पुराने म्यूजिशियंस दोनों को साथ लेकर चलें। अभिजीत के मुताबिक, तकनीक का इस्तेमाल गलत नहीं है, लेकिन अगर इससे कलाकारों का रोजगार खत्म हो रहा है तो इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

दूसरी ओर, ए आर रहमान की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रहमान इससे पहले कई बार यह कह चुके हैं कि तकनीक संगीत को नए प्रयोगों की आज़ादी देती है और समय के साथ बदलाव जरूरी है। उनके समर्थकों का मानना है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में बदलाव वैश्विक स्तर पर हो रहा है और इसे किसी एक व्यक्ति पर थोपना उचित नहीं होगा।

अभिजीत भट्टाचार्य के इस बयान के बाद म्यूजिक इंडस्ट्री में यह सवाल फिर से उठ खड़ा हुआ है कि आधुनिक तकनीक और कलाकारों के रोजगार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए, ताकि संगीत का विकास भी हो और म्यूजिशियंस का भविष्य भी सुरक्षित रह सके।