नई दिल्ली | 19 जून 2025
ईरान-इजरायल युद्ध के बढ़ते संकट के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'ऑपरेशन सिंधु' के तहत सफलतापूर्वक पहला जत्था स्वदेश लौटा लिया है। कुल 110 भारतीय नागरिकों को वॉर ज़ोन से सुरक्षित बाहर निकालकर गुरुवार तड़के दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया।
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की संयुक्त योजना से इस राहत अभियान को अंजाम दिया गया। लौटे नागरिकों में छात्र, कामकाजी पेशेवर और पर्यटक शामिल हैं, जो ईरान में युद्ध की चपेट में आ गए थे।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट कर इसकी पुष्टि की और कहा –
“हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऑपरेशन सिंधु के तहत पहला जत्था सुरक्षित स्वदेश पहुंच चुका है। हमारी कोशिश है कि जल्द ही सभी फंसे हुए भारतीयों को सुरक्षित निकाला जाए।”
सरकार ने विशेष चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था की है और नई दिल्ली में मेडिकल व मनोवैज्ञानिक सहायता के साथ तत्काल पुनर्वास सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। सूत्रों के मुताबिक, अगला जत्था भी अगले 48 घंटे के भीतर भारत लाया जाएगा।
ईरान और इजरायल के बीच सैन्य टकराव लगातार तेज़ हो रहा है। तेहरान, दमिश्क और तेल अवीव जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हवाई हमले और जवाबी कार्रवाई के चलते आम नागरिकों की जान जोखिम में है। इसी पृष्ठभूमि में भारत ने यह आपातकालीन कदम उठाया।
ऑपरेशन सिंधु, भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक विशेष राहत मिशन है, जिसका उद्देश्य ईरान व पड़ोसी देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालना है। यह मिशन भारतीय नौसेना, एयर फोर्स और राजनयिक एजेंसियों के सामूहिक समन्वय से संचालित किया जा रहा है।
दिल्ली पहुंचने पर भावुक हुए छात्र अर्जुन मिश्रा ने कहा, “हम गोलियों और धमाकों के बीच डर के साए में जी रहे थे। भारत सरकार और एंबेसी ने हमारी जान बचाई है। हम हमेशा आभारी रहेंगे।”
संपर्क सहायता:
जो नागरिक या उनके परिवारजन अभी भी फंसे हुए भारतीयों की जानकारी देना चाहते हैं, वे helpline@mea.gov.in या टोल-फ्री नंबर 1800-11-8797 पर संपर्क कर सकते हैं।