सिडनी के एक प्रीमियम रेस्टोरेंट ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया जब एक ग्राहक ने बिल में बिना पूर्व अनुमति के सर्विस चार्ज जोड़े जाने की बात सार्वजनिक की। इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में "टिपिंग कल्चर" को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जिसमें लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या देश की मेहमाननवाजी संस्कृति अब अमेरिका की ओर झुकती जा रही है?
यह मामला सामने आया रेडिट पर एक यूज़र द्वारा किए गए पोस्ट से, जिसने बताया कि उन्होंने सिडनी के सर्कुलर की में स्थित एक महंगे इटैलियन रेस्टोरेंट लाना में डिनर किया, जिसका स्वामित्व हाउस मेड हॉस्पिटैलिटी नामक बड़ी कंपनी के पास है।
ग्राहक ने अपने बिल की तस्वीर साझा की, जिसमें $221 के खाने पर 7% (यानी $15.47) का अतिरिक्त सर्विस चार्ज जोड़ा गया था। कुल राशि $236.45 हो गई। पोस्ट में उन्होंने लिखा –
“यह दूसरी बार है जब मैंने किसी फाइन डाइनिंग सिडनी रेस्टोरेंट में यह देखा। क्या अब यह सामान्य होता जा रहा है? क्या यह टिप वास्तव में उन कर्मचारियों में बांटी जाती है जो सेवा में विशेष मेहनत करते हैं?”
उन्होंने यह भी बताया कि यह सर्विस चार्ज मेन्यू कार्ड पर बहुत छोटे अक्षरों में लिखा हुआ था, जो ग्राहकों का ध्यान आकर्षित नहीं करता।
इस पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने समर्थन में लिखा कि कर्मचारियों को मेहनत का उचित पारिश्रमिक मिलना चाहिए, जबकि कई ने इस प्रथा को पारदर्शिता की कमी बताते हुए धोखा करार दिया।
क्या कहता है ऑस्ट्रेलियाई नियम?
ऑस्ट्रेलिया में आमतौर पर टिप देना अनिवार्य नहीं है और अधिकांश ग्राहक सेवा के स्तर के अनुसार स्वेच्छा से टिप देते हैं। ऐसे में बिना पूर्व सूचना के बिल में चार्ज जोड़ना विवादास्पद माना जा सकता है।
रेस्टोरेंट लाना की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उद्योग के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और महंगाई के चलते कुछ प्रीमियम रेस्टोरेंट्स अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
निष्कर्ष:
यह मामला न सिर्फ ग्राहकों की जेब पर असर डालता है, बल्कि इस बात पर भी रोशनी डालता है कि कैसे विदेशी सांस्कृतिक प्रवृत्तियाँ धीरे-धीरे ऑस्ट्रेलिया के आतिथ्य जगत को बदल रही हैं। सवाल यह है – क्या यह परिवर्तन ग्राहकों की जानकारी और सहमति के साथ होना चाहिए?