सिडनी में कथित शैतानी बाल यौन शोषण गिरोह का खुलासा

पुलिस ने बताया—अब तक का सबसे जघन्य और मानसिक रूप से विचलित करने वाला मामला

सिडनी में कथित शैतानी बाल यौन शोषण गिरोह का खुलासा

सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य की राजधानी सिडनी में एक कथित शैतानी बाल यौन शोषण गिरोह के भंडाफोड़ ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के अनुसार, यह मामला न केवल अपराध की क्रूरता के लिहाज़ से, बल्कि उसकी सुनियोजित और संगठित प्रकृति के कारण भी अब तक सामने आए सबसे भयावह मामलों में गिना जा रहा है।

इस मामले में छह पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि वे एक संगठित नेटवर्क के तहत मासूम बच्चों का यौन शोषण करते थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी बच्चों को मानसिक रूप से तोड़ने, डराने और नियंत्रित करने के लिए कथित रूप से शैतानी प्रतीकों और अनुष्ठानों का सहारा लेते थे।

महीनों की गुप्त जांच के बाद खुलासा

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का पर्दाफाश कई महीनों तक चली गुप्त जांच के बाद हुआ। साइबर निगरानी, डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच और पीड़ितों के बयानों के आधार पर अधिकारियों को इस नेटवर्क के अस्तित्व की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में जुड़े हुए थे और बच्चों को निशाना बनाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और निजी नेटवर्क का उपयोग करते थे।

एक वरिष्ठ जांच अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई डिजिटल सामग्री और दस्तावेज़ इतने परेशान करने वाले हैं कि जांच में शामिल कई अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध करानी पड़ी।

अदालत भी हुई स्तब्ध

जब मामला अदालत में पेश किया गया तो आरोपों की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने भी कड़ी टिप्पणी की। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों को जमानत न दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह समाज के सबसे कमजोर वर्ग के खिलाफ किया गया अत्यंत गंभीर अपराध है।

अदालत ने फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और निर्देश दिया है कि मामले की सुनवाई तेज़ी से की जाए। अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है।

बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद ऑस्ट्रेलिया में बच्चों की ऑनलाइन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है। बाल अधिकार संगठनों ने सरकार से मांग की है कि बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए कड़े कानूनों और बेहतर निगरानी तंत्र को लागू किया जाए।

पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नज़र रखें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की तुरंत सूचना दें। साथ ही, यदि कोई पीड़ित या गवाह सामने आना चाहता है तो उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

निर्दोष माने जाने का सिद्धांत

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी आरोपी कानून के अनुसार दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाएंगे। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया गया है।