भाजपा में ‘नवीन नायक’ का उदय, नितिन नवीन बने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष

प्रधानमंत्री मोदी बोले— हमारे यहां अध्यक्ष बदलते हैं, आदर्श नहीं

भाजपा में ‘नवीन नायक’ का उदय, नितिन नवीन बने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय नेतृत्व मिल गया है। नितिन नवीन पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संगठन पर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में इसकी औपचारिक घोषणा की गई। प्रधानमंत्री ने नितिन नवीन को माला पहनाकर स्वागत किया और दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल की कमान संभालने पर बधाई दी।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने संगठन, कार्यकर्ता और नेतृत्व की परंपरा पर जोर देते हुए कहा कि भाजपा में नेतृत्व बदलता है, लेकिन आदर्श और मूल्य स्थायी रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का संगठन पर्व कार्यकर्ता-केंद्रित सोच और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा नेतृत्व परंपरा से चलता है, अनुभव से समृद्ध होता है और जनसेवा–राष्ट्रसेवा के भाव से संगठन को आगे बढ़ाता है। हमने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है।” उन्होंने भाजपा के सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों का अभिनंदन करते हुए कहा कि पार्टी संगठन के विस्तार के साथ-साथ कार्यकर्ता के निर्माण पर भी समान रूप से ध्यान देती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक रहा हूं, लेकिन सबसे पहले और अंत तक भाजपा का कार्यकर्ता हूं।” उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि संगठन में अध्यक्ष सर्वोपरि होता है और आज नितिन नवीन उनके “बॉस” हैं।

नए अध्यक्ष की भूमिका पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नितिन नवीन को न केवल भाजपा को मजबूत करना है, बल्कि एनडीए के घटक दलों के साथ बेहतर समन्वय भी स्थापित करना है। “नितिन नवीन ने अब तक खुद को साबित किया है और संगठन को उनसे नई ऊर्जा मिलेगी,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री ने आगामी 25 वर्षों को देश के लिए निर्णायक बताते हुए कहा कि यही वह कालखंड है, जिसमें विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन एक मिलेनियल नेता हैं और 21वीं सदी की चुनौतियों को समझते हुए संगठन को आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं।

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। संगठन में इस नेतृत्व परिवर्तन को भाजपा के ‘नवीन अध्याय’ की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में पार्टी के विस्तार और वैचारिक मजबूती को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।