बॉन्डी दौरे के दौरान हर्ज़ोग का शोक संदेश

इज़रायल के राष्ट्रपति ने हमले को बताया मानवता पर आघात

बॉन्डी दौरे के दौरान हर्ज़ोग का शोक संदेश

सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के समुद्री तट क्षेत्र बॉन्डी में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद इज़रायल के राष्ट्रपति इज़ाक हर्ज़ोग ने स्वयं बॉन्डी का दौरा कर पीड़ितों से मुलाक़ात की और घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने कहा कि हमले के बाद के दृश्य “बेहद दर्दनाक” थे, जहां घायल लोगों को बचाने के लिए सर्फ़बोर्ड तक को अस्थायी स्ट्रेचर के रूप में इस्तेमाल करना पड़ा।

अपने बॉन्डी दौरे के दौरान राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने हमले में जीवित बचे लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत की। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह मुलाक़ात “गहराई से भावनात्मक और अत्यंत अर्थपूर्ण” रही। हर्ज़ोग ने पीड़ितों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि संकट की उस घड़ी में आम नागरिकों द्वारा दिखाई गई त्वरित सहायता और मानवीय संवेदना प्रेरणादायक है।

राष्ट्रपति ने कहा कि बॉन्डी में जो हुआ, वह केवल एक स्थानीय घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि हिंसा और आतंकवाद किस तरह सामान्य जीवन को प्रभावित करते हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमले किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकते।

बॉन्डी दौरे के बाद दिए गए अपने सार्वजनिक बयान में राष्ट्रपति हर्ज़ोग ने ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में हो रहे इज़रायल विरोधी प्रदर्शनों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी आलोचना की सीमा से आगे बढ़कर “इज़रायल के अस्तित्व के अधिकार को ही नकारने” का प्रयास कर रहे हैं।
हर्ज़ोग के अनुसार, “लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार है, लेकिन किसी देश के अस्तित्व को अवैध ठहराना न तो नैतिक है और न ही शांति की दिशा में सहायक।”

यह बयान ऐसे समय आया है जब सिडनी के केंद्रीय व्यापारिक ज़िले (CBD) में प्रस्तावित एक प्रदर्शन पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर मामला ऑस्ट्रेलिया का सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। प्रदर्शन आयोजकों का तर्क है कि प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है, जबकि प्रशासन सुरक्षा कारणों का हवाला दे रहा है। इस मुद्दे ने देश में नागरिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच संतुलन पर नई बहस को जन्म दिया है।

इसी बीच, ऑस्ट्रेलियाई राजनीति में भी हलचल बढ़ती दिख रही है। सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असंतोष की चर्चाएं तेज़ हैं और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में नेतृत्व परिवर्तन की चुनौती सामने आ सकती है।

बॉन्डी हमले के बाद राष्ट्रपति हर्ज़ोग का दौरा, उनकी कड़ी टिप्पणियां और देश के भीतर चल रहे राजनीतिक व कानूनी घटनाक्रम — इन सबने ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा, सामाजिक एकता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में ला दिया है।