लंदन। ब्रिटेन में अब तक का सबसे बड़ा हीरा घोटाला सामने आया है। भारतीय मूल के ज्वेलरी कारोबारी वाशी डोमिंग्वेज़ पर 350 मिलियन डॉलर (करीब 2,900 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि कंपनी की हालत खराब होने पर उन्होंने कर्मचारियों को ग्राहकों और कारीगरों का रूप धारण करने के लिए मजबूर किया, ताकि बाहर से कारोबार फल-फूलता हुआ दिखाई दे।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही कारोबार पर संकट आया, डोमिंग्वेज़ ने कर्मचारियों से कहा कि वे शोरूम में बैठकर ऐसे दिखाएँ जैसे असली ग्राहक आभूषण खरीद रहे हों। कई बार कर्मचारियों को कार्यशाला में बैठाकर नकली सोने-चांदी गढ़ाई का नाटक भी कराया गया। इसका मकसद निवेशकों और संभावित खरीदारों को भ्रमित करना था, ताकि कंपनी की स्थिति मजबूत और भरोसेमंद लगे।
कुछ कर्मचारियों ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि उन्हें न केवल ग्राहकों की तरह पेश होने को कहा गया, बल्कि सोने और हीरे का काम करते हुए दिखाने के लिए भी बाध्य किया गया। हालांकि, वे असल में कोई कारीगर नहीं थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ब्रिटेन के इतिहास का सबसे बड़ा हीरा घोटाला हो सकता है। जांच एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है और वित्तीय लेन-देन से लेकर निवेशकों को किए गए वादों तक की पड़ताल शुरू कर दी है।
इस खुलासे के बाद ब्रिटेन के ज्वेलरी कारोबार में हलचल मच गई है। भारतीय समुदाय में भी यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि वाशी डोमिंग्वेज़ लंबे समय से हीरा और आभूषण व्यापार की दुनिया में एक चमकदार नाम माने जाते थे। दूसरी ओर, निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्हें डर है कि उनकी भारी-भरकम पूंजी डूब सकती है।
मामला अदालत तक पहुँचने की संभावना है। फिलहाल, ब्रिटेन की वित्तीय अपराध शाखा और अन्य जांच एजेंसियां सबूत इकट्ठा करने में जुटी हैं। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह न केवल निवेशकों के लिए बड़ा झटका होगा, बल्कि ब्रिटेन के ज्वेलरी बाजार की साख पर भी सवाल उठेंगे।