राज्य के योजना मंत्री ने स्थानीय निवासियों की कड़ी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए बरंगारू स्थित एक लगभग तैयार सांस्कृतिक स्थल के लिए 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन व्यापार (24/7 ट्रेडिंग) की अनुमति बहाल कर दी है। इस फैसले के बाद क्षेत्र के निवासियों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है।
बरंगारू में बन रहा यह नया सांस्कृतिक एवं मनोरंजन केंद्र शीघ्र ही आम जनता के लिए खोला जाने वाला है। पहले इस स्थल के संचालन पर देर रात तक सीमित समय की पाबंदी लगाने की मांग की गई थी, ताकि आसपास रहने वाले लोगों को शोर-शराबे और यातायात की समस्या से राहत मिल सके। हालांकि, ताज़ा निर्णय के तहत इन प्रतिबंधों को हटाते हुए 24 घंटे संचालन की मंजूरी दे दी गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले से ही क्षेत्र में देर रात तक चलने वाली गतिविधियों के कारण शोर और भीड़ की समस्या बनी रहती है। उनका आरोप है कि नए स्थल के 24 घंटे खुले रहने से रात के समय शांति भंग होगी और जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होगी।
एक निवासी ने कहा, “यह फैसला हमारे लिए बेहद निराशाजनक है। हमारी शिकायतों और सुझावों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया।”
निवासियों ने यह भी आशंका जताई है कि रातभर चलने वाले कार्यक्रमों से ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा से जुड़े मुद्दे बढ़ सकते हैं।
वहीं, योजना मंत्री ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि यह परियोजना शहर की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। सरकार का तर्क है कि 24/7 संचालन से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और सिडनी की नाइटलाइफ़ को प्रोत्साहन मिलेगा।
मंत्री के अनुसार, स्थल के संचालन के दौरान शोर-नियंत्रण और सुरक्षा के लिए आवश्यक नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस फैसले के बाद निवासियों के कुछ समूहों ने पुनर्विचार की मांग करने और कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी विकास और स्थानीय समुदाय की शांति के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि सरकार और स्थानीय समुदाय के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या समाधान निकलता है।