ईरान की मौजूदा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठती चिंताओं के बीच एक नया सनसनीखेज दावा सामने आया है। अमेरिका से न्यू ईरान मूवमेंट (New Iran Movement) का नेतृत्व कर रहे नेता इमान फोरौटन (Eman Foroutan) ने कहा है कि ईरान की जनता अब वर्तमान कट्टरपंथी शासन से आज़ादी चाहती है और वहां सत्ता परिवर्तन का समय नजदीक है।
फोरौटन के अनुसार, देश की कई प्रभावशाली और बड़ी हस्तियां पहले ही ईरान छोड़ चुकी हैं, और यहां तक कि ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी देश से बाहर निकलने के संभावित विकल्प तलाश रहे हैं।
न्यू ईरान मूवमेंट के प्रमुख ने दावा किया कि ईरान की आम जनता इस्लामिक रिपब्लिक के सख्त शासन और दमनकारी नीतियों से तंग आ चुकी है। उन्होंने कहा कि कई नागरिक अंदरूनी रूप से विरोध में जुटे हुए हैं और अब यह विरोध खुलकर सड़कों पर उतरने को तैयार है।
हाल के दिनों में ईरान द्वारा इज़राइल पर किए गए मिसाइल हमलों और उनके जवाब में आई प्रतिक्रिया के बाद देश में अस्थिरता और गहरा गई है। फोरौटन ने कहा कि शासन अब डर में है और यही वजह है कि कुछ शीर्ष अधिकारी सुरक्षित रास्ता निकालने की कोशिश में हैं।
इमान फोरौटन का यह भी कहना है कि ईरान अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह ईरान की जनता की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं का समर्थन करें और इस्लामिक शासन की सेंसरशिप और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाएं।
न्यू ईरान मूवमेंट का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष और अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन की दिशा में कोई ठोस कदम उठता है, तो इसका असर सिर्फ देश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।