टोक्यो/वॉशिंगटन/नई दिल्ली।
भारत की तरह अब जापान भी अमेरिका के टैरिफ दबाव में आ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर दोनों देशों के बीच तनातनी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा से ठीक पहले यह विवाद सामने आने से कूटनीतिक माहौल और पेचीदा हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका जापान से कृषि और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़ा बाजार खोलने की मांग कर रहा है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि जापान अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करे, जबकि जापान का कहना है कि इससे उसकी घरेलू उद्योग और किसानों को भारी नुकसान होगा।
कुछ महीने पहले भारत को भी इसी तरह की शर्तों का सामना करना पड़ा था। अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय इस्पात और एल्यूमीनियम पर अतिरिक्त शुल्क लगाया था और फिर कई सामानों पर भारत से टैरिफ छूट खत्म कर दी थी। अब वही दबाव जापान पर भी डाला जा रहा है।
पीएम मोदी का जापान दौरा पहले से तय है, जहां दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और व्यापार सहयोग पर चर्चा होनी है। लेकिन जापान-अमेरिका विवाद ने भारत के लिए स्थिति और संवेदनशील बना दी है। माना जा रहा है कि मोदी की मौजूदगी में जापान इस मुद्दे पर भारत का समर्थन पाने की कोशिश कर सकता है।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि एशिया में अमेरिका की रणनीति चीन को घेरने पर केंद्रित है, लेकिन इसके लिए वह अपने सहयोगी देशों पर भी कठोर आर्थिक शर्तें थोप रहा है। जापान जैसे करीबी सहयोगी के साथ टकराव यह संकेत देता है कि आने वाले समय में अमेरिका-एशिया संबंध और जटिल हो सकते हैं।