कैनबरा। ऑस्ट्रेलियाई संसद के प्रश्नकाल के दौरान मंगलवार को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ और विपक्ष के वरिष्ठ नेता डैन टीहन के बीच तीखी तकरार हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को “कायर” कह डाला और अंततः टीहन को सदन से बाहर कर दिया गया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब नेशनल्स सांसद ऐन वेब्स्टर ने प्रधानमंत्री से पूछा कि उन्हें विक्टोरिया के बैलेरेट शहर से क्यों किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ घेरकर बाहर खदेड़ दिया। हाल ही में हेराल्ड सन बुश समिट के दौरान किसानों ने अल्बानीज़ के काफिले का पीछा किया था। इस दौरान वाहनों पर पोस्टर लगे थे, जिन पर लिखा था – “क्या आपके बिजली के बिल कम हुए? नहीं” और “कमज़ोर नेता = कमज़ोर देश”।
जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान जिस ऊर्जा परियोजना का विरोध कर रहे थे, उसकी मंजूरी पिछली मॉरिसन सरकार ने दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष अब उन्हीं फैसलों पर राजनीति कर रहा है।
पीएम के जवाब के दौरान डैन टीहन ने बीच में हस्तक्षेप किया और स्थिति की तुलना 1981 की प्रसिद्ध फिल्म चैरियट्स ऑफ फायर से कर दी। इससे हंसी-मज़ाक का माहौल तो बना, लेकिन प्रधानमंत्री भड़क गए और सीधे तौर पर टीहन को “कायर” कह डाला।
इसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। टीहन सरकार की बेंच की ओर इशारा करते हुए लगातार चिल्लाते रहे – “कायर आप हैं, कायर आप हैं।” इस आक्रामक रवैये के कारण स्पीकर मिल्टन डिक ने उन्हें संसद से बाहर करने का आदेश दे दिया।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर अशोभनीय भाषा प्रयोग करने का आरोप लगाया और मांग की कि वह टिप्पणी वापस लें। बढ़ते दबाव के बीच अल्बानीज़ ने “कायर” शब्द वापिस ले लिया। हालांकि इसके बाद भी डैन टीहन ने मीडिया से कहा –
“प्रधानमंत्री को लोगों से सच छिपाना बंद करना चाहिए। किसानों ने दिखा दिया है कि वे ऊर्जा नीतियों से बेहद नाराज़ हैं। सच से भागना ही कायरता है, न कि हम सवाल पूछें।”
विपक्ष का कहना है कि ऊर्जा मंत्री क्रिस बोवेन की नीतियों के कारण बिजली की कीमतों में 39 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। इसी वजह से किसानों और ग्रामीण समुदायों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।