बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता जॉन अब्राहम ने एक बार फिर अपनी स्पष्ट और देशभक्ति से ओत-प्रोत सोच को सबके सामने रखा है। एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम करने को लेकर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर किसी पाकिस्तानी कलाकार से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जब देश की बात आती है, तो उनके लिए भारत हमेशा सर्वोपरि होता है।
जॉन अब्राहम, जो 'मद्रास कैफे', 'परमाणु', 'सत्यमेव जयते' जैसी देशभक्ति पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने कहा,
"मैं कला का सम्मान करता हूं और कलाकारों की प्रतिभा की कद्र करता हूं, चाहे वे कहीं के भी हों। लेकिन जब देश और भावनाओं की बात आती है, तो मेरी प्राथमिकता हमेशा भारत रहेगी।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म एक माध्यम है जिससे समाज पर प्रभाव डाला जा सकता है और ऐसे में कलाकारों और निर्माताओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे राष्ट्रहित को प्राथमिकता दें।
पिछले कुछ वर्षों में भारत-पाकिस्तान संबंधों में आए तनाव के चलते भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों को लेकर कई बार विवाद खड़े हुए हैं। इस संदर्भ में जॉन का यह बयान न सिर्फ उनकी सोच को दर्शाता है, बल्कि देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।
फिलहाल जॉन अब्राहम अपनी अगली एक्शन-थ्रिलर फिल्म की तैयारी में व्यस्त हैं, जो एक बार फिर देशभक्ति और राष्ट्र सुरक्षा जैसे मुद्दों पर आधारित बताई जा रही है।
जॉन का यह बयान एक बार फिर इस बहस को हवा दे सकता है कि क्या कला को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए, या देशहित सर्वोपरि होना चाहिए।