गाज़ा में तबाही: डॉक्टरों ने सुनाई जमीनी हकीकत, कहा – “मेरे लिए शर्मनाक, मानवता के लिए भयावह”

गाज़ा में तबाही: डॉक्टरों ने सुनाई जमीनी हकीकत, कहा – “मेरे लिए शर्मनाक, मानवता के लिए भयावह”

गाज़ा पट्टी में जारी संघर्ष के बीच काम कर रहे स्वेच्छा से पहुँचे डॉक्टरों ने वहाँ की भयावह स्थिति का वर्णन करते हुए कहा है कि वे जिन घावों और त्रासदियों के गवाह बन रहे हैं, वे मानवता के लिए गहरी चोट हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी चिकित्सकों के अनुसार, अस्पतालों में रोज़ाना सैकड़ों घायल पहुँच रहे हैं—इनमें बड़ी संख्या बच्चों और महिलाओं की है। कई पीड़ितों के अंग कट चुके हैं, जलने के गंभीर घाव हैं और खून की कमी से जान बचाना मुश्किल हो रहा है।

डॉक्टरों का कहना है कि गाज़ा के नागरिक न सिर्फ बमबारी से बल्कि भूख और प्यास से भी जूझ रहे हैं। इलाके में भोजन, दवाओं और पीने के पानी की भारी किल्लत है। विस्थापित लोग अस्थायी शिविरों में ठूँसे गए हैं, जहाँ बुनियादी सुविधाएँ भी नदारद हैं।

एक चिकित्सक ने बताया, “मैंने युद्ध क्षेत्र में पहले भी काम किया है, लेकिन जो यहाँ देख रहा हूँ, वह मेरे लिए शर्मनाक है और मानवता के लिए अपमानजनक। यह सिर्फ युद्ध नहीं, यह मासूमों की ज़िंदगी पर सीधा हमला है।”

संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियाँ लगातार मानवीय गलियारा खोलने की अपील कर रही हैं, ताकि घायल और बीमार लोगों को समय पर इलाज और मदद पहुँचाई जा सके। हालाँकि, अब तक हिंसा और नाकेबंदी के चलते राहत कार्य बेहद सीमित हैं।

गाज़ा में स्वास्थ्य सेवाएँ पहले से ही ढह चुकी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द वैश्विक समुदाय ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो मौत का यह सिलसिला थमना मुश्किल होगा।