कोविड-19 वैक्सीन ने महामारी के खिलाफ हमारी सबसे बड़ी ढाल का काम किया है, लेकिन अब कुछ विशेषज्ञ एक संभावित दुर्लभ साइड इफेक्ट को लेकर चिंतित हैं, जो खासकर आंखों से जुड़ा है। कई लोगों ने वैक्सीन लेने के बाद दृष्टि संबंधी परेशानियों की शिकायत की है, जिनमें से कुछ को ‘डार्क स्पॉट्स’ यानी अंधेरे धब्बे या ‘ब्लाइंड पैचेज़’ जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
जनवरी 2021 से जनवरी 2023 के बीच 18 से 84 वर्ष की उम्र के 243 लोगों पर आधारित 20 पीयर-रिव्यूड रिसर्च स्टडीज़ में यह सामने आया है कि कोविड वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों की आंखों में सूजन और अन्य समस्याएं उत्पन्न हुईं।
इनमें से करीब 42% ने फाइज़र-बायोएनटेक की वैक्सीन ली थी, जो ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में व्यापक रूप से दी गई थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों में सूजन (Ocular Inflammation) सबसे ज्यादा देखने को मिली। लगभग आधे मरीजों को यूवाइटिस नामक स्थिति हुई — यह आंख के भीतर गहराई में होने वाली जलन है, जो दृष्टि को नुकसान पहुंचा सकती है।
वहीं, 24% मामलों में ऑप्टिक न्यूराइटिस देखा गया — यह ऑप्टिक नर्व (दृष्टि तंत्रिका) की सूजन है, जो तेज दर्द और कभी-कभी अंधेपन तक का कारण बन सकती है।
14% को हरपेटिक आई डिज़ीज़ हुआ — यह हर्पीस वायरस के कारण आंखों पर हमला करता है, जिससे लालिमा, जलन और असहजता महसूस होती है।
करीब 10% लोगों में रेटिनल सर्कुलेशन इश्यूज़ यानी आंखों की रक्त नलिकाओं में अवरोध देखा गया, जिससे अचानक दृष्टि जा सकती है।
कुछ दुर्लभ लेकिन गंभीर मामलों में मरीजों की आंखों में “डार्क स्पॉट्स” या “ब्लाइंड पैचेज” नजर आने लगे — यानी देखने के क्षेत्र में कुछ हिस्सा पूरी तरह अंधकारमय या धुंधला हो गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय यह लक्षण बेहद दुर्लभ हैं और व्यापक जनसंख्या में इनका प्रतिशत बहुत कम है। लेकिन इन लक्षणों की गंभीरता को देखते हुए और अधिक शोध की आवश्यकता है।
निष्कर्ष:
जहां एक ओर कोविड-19 वैक्सीनेशन ने करोड़ों लोगों की जान बचाई है, वहीं दूसरी ओर ऐसे दुर्लभ लक्षणों की रिपोर्ट हमें यह याद दिलाती है कि चिकित्सा अनुसंधान की प्रक्रिया सतत है। यदि किसी को वैक्सीनेशन के बाद आंखों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखाई दें — जैसे कि धुंधलापन, दर्द, या डार्क स्पॉट्स — तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।