तेहरान/जेरूसलम, 27 जून 2025:
हालिया मध्य-पूर्व संघर्ष भले ही थमा हो, लेकिन ईरान के फोर्डो न्यूक्लियर फैसिलिटी से कथित तौर पर गायब हुए 400 किलोग्राम उच्च स्तर पर संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घमासान मच गया है। इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज ने शुक्रवार को एक कड़ा बयान देते हुए कहा है कि "ईरान को यह यूरेनियम अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसियों को हैंडओवर करना ही होगा।"
काट्ज के इस बयान के बाद फिर से पश्चिमी एशिया में तनाव की स्थिति बन गई है। उन्होंने कहा कि अब युद्ध नहीं, बल्कि जवाबदेही की ज़रूरत है। यह बयान ऐसे समय आया है जब इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी थी कि ईरान के फोर्डो प्लांट से 400 किलो एनरिच्ड यूरेनियम का कोई अता-पता नहीं है।
ईरान ने इज़राइल के आरोपों को "राजनीतिक प्रोपेगैंडा" करार देते हुए कहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और वह IAEA के दिशा-निर्देशों का पालन कर रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, "इज़राइल खुद मध्य पूर्व में परमाणु असंतुलन पैदा करता आया है और अब ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बयान दे रहा है।"
फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु ठिकानों में से एक है, जिसे पहाड़ियों के अंदर बनाया गया है। पश्चिमी देशों का मानना है कि इस साइट पर weapons-grade uranium (हथियार योग्य यूरेनियम) तैयार किया जा सकता है। हाल ही में IAEA की एक निरीक्षण रिपोर्ट में बताया गया कि साइट पर संग्रहित यूरेनियम की मात्रा में अचानक कमी देखी गई है – जो अंतरराष्ट्रीय निगरानी नियमों के उल्लंघन की ओर संकेत करता है।
अमेरिका और यूरोपीय संघ के कई नेताओं ने इज़राइल के बयान का समर्थन करते हुए ईरान से पारदर्शिता की मांग की है। वहीं रूस और चीन ने संयम बरतने की अपील की है।