मॉस्को में NSA अजीत डोभाल की ताबड़तोड़ कूटनीति, पुतिन से मुलाकात — अमेरिका को सख़्त संदेश

मॉस्को में NSA अजीत डोभाल की ताबड़तोड़ कूटनीति, पुतिन से मुलाकात — अमेरिका को सख़्त संदेश

मॉस्को में NSA अजीत डोभाल की ताबड़तोड़ कूटनीति, पुतिन से मुलाकात — अमेरिका को सख़्त संदेश

मॉस्को, 9 अगस्त 2025 — भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रूस की राजधानी मॉस्को में गुरुवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंतूरोव और अन्य शीर्ष नेताओं के साथ लगातार महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन वार्ताओं को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक सशक्त राजनयिक संदेश माना जा रहा है, जो हाल के दिनों में भारत-रूस रक्षा और ऊर्जा सहयोग को लेकर दबाव बना रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, डोभाल ने अपने दौरे के दौरान रूस के रक्षा मंत्री और सुरक्षा परिषद के प्रमुख से भी मुलाकात की। चर्चा में रक्षा उपकरण आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन परियोजनाएँ, ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा और नए हथियार प्रणालियों की खरीद प्रमुख विषय रहे। इसमें S-400 वायु रक्षा प्रणाली की आगे की आपूर्ति और Su-57 जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों के संभावित अधिग्रहण पर भी विचार हुआ।

वार्ता के दौरान भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी को और मज़बूत करने पर सहमति बनी, विशेषकर कच्चे तेल और गैस की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए। इसके साथ-साथ रक्षा उद्योग में संयुक्त निवेश और तकनीकी हस्तांतरण पर भी बातचीत हुई।

बैठकों के बाद यह संकेत मिला है कि राष्ट्रपति पुतिन की बहुप्रतीक्षित भारत यात्रा की तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं। यह दौरा वर्ष 2025 के अंत तक संभव है, जो यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोभाल का यह दौरा भारत की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक संतुलन का स्पष्ट संकेत है। यह संदेश भी है कि बदलते वैश्विक समीकरणों में भारत अपने हितों और साझेदारियों को लेकर किसी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा।